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argumentative essay powerpoint Griffith University (Navitas)

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साथ विकसित हो सकती है। जीवन में बहुत महत्वपूर्ण वस्तुओं के होने के बावजूद भी एक इंसान के जीवन में मित्रता एक बहुत ही मूल्यवान रिश्ता है। कोई भी जीवन को पूरी तरह से संतोषजनक नहीं बीता सकता अगर उसके पास भरोसेमंद दोस्ती नहीं है। हरेक को जीवन की अच्छी-बुरी यादें, असहनीय घटना और खुशी के पल को साझा करने के लिये एक अच्छे और निष्ठावान मित्र की ज़रुरत होती है। सभी के जीने के लिये एक अच्छे और संतुलित मानव अन्योन्यक्रिया की बहुत आवश्यकता होती है। अच्छे दोस्त एक-दूसरे की संवेदनाओं और भावनाओं को बाँटते हैं जो स्वस्थ होने और मानसिक संतुष्ठि का एहसास लाता है। एक मित्र ऐसा इंसान है जिसे कोई गहराई से जान सकता है, हमेशा पसंद और भरोसा कर सकता है। दोस्ती में शामिल दो व्यक्तियों के स्वाभाव में कुछ एकरुपता होने के बावजूद, उनके पास कुछ अलग विशेषताएँ होती है लेकिन बिना एक-दूसरे के अनोखेपन को बदले उन्हें एक-दूसरे की ज़रुरत होती है। आमतौर पर, बिना आलोचना के दोस्त एक-दूसरे को प्रेरित करते हैं लेकिन कई बार कुछ सकारात्मक बदलाव लाने के लिये दोस्त अपने दूसरे मित्र की बुराई भी करता है। इसमें शामिल हुए व्यक्ति के जीवन में एक सच्ची दोस्ती सबसे बहुमूल्य उपहार है। अपने जीवन में एक सच्चा दोस्त पाने वाले इंसान को बहुत भाग्यशाली कहा जाता है। सच्ची मित्रता जीवन में कई प्रकार के यादगार, मीठे और खुशनुमा अनुभव देती है। किसी के जीवन में मित्रता सबसे बहुमूल्य संपत्ति है जिसे कोई कभी खोना नही चाहेगा। जीवन में बिना किसी असफलता के सफलता की ओर इसमें शामिल दो या दो से अधिक व्यक्तियों को सच्ची दोस्ती की ओर ले जाता है। एक अच्छे दोस्त की तलाश आसान काम नहीं है, एक-दूसरे से गलतफहमी के कारण कई बार हम सफल होते हैं और कई बार असफल। दोस्ती प्यार का एक समर्पित एहसास है जिससे अपने जीवन के बारे में हम कुछ भी साझा कर सकते हैं और हमेशा एक-दूसरे का ध्यान रखते हैं। एक मित्र वो होता है जो बिना किसी लाग-लपेट के दूसरों को समझता और सराहना करता है। सच्चे दोस्त कभी एक-दूसरे के लिये लालची नहीं बनते, वो एक-दूसरे को उनके जीवन में कुछ बेहतर देना चाहते हैं। मित्रता के बीच में कोई दीवार या उम्र का भेदभाव, जाति, नस्ल, धर्म या लिंग नहीं आता। वो एक –दूसरे की सच्चाई जानते हैं और संतुष्टिपूर्वक एक-दूसरे की मदद करते हैं। मानव एक सामाजिक प्राणी है और अकेले नहीं जी सकता; किसी को भी अपने दुख-सुख को बाँटने के लिये किसी की ज़रुरत पड़ती है। आमतौर पर, एक सफल मित्रता एक बराबर उम्र, चरित्र और पृष्ठभूमि के व्यक्तियों के बीच होती है। दोस्त एक-दूसरे के लिये निष्ठावान सहायक है जो बिना किसी लक्ष्य के जीवन के बुरे समय में दोस्त की मदद करता है। दो या दो से अधिक लोगों के बीच में मित्रता एक दैवीय रिश्ता है। दोस्ती का दूसरा नाम ध्यान रखना और सहायता करना है। ये भरोसे, एहसास और एक-दूसरे के प्रति बराबर समझ पर आधारित है। दो या दो से अधिक सामाजिक लोगों के बीच में ये बहुत साधारण और निष्ठावान रिश्ता है। जो लोग सच्ची दोस्ती करते हैं वो बिना किसी प्रकार के लालच के दूसरे मित्र का ध्यान रखते हैं और सहायता करते हैं। परवाह और भरोसे से दिनों-दिन दोस्ती और मजबूत होने लगती है। बिना एक दूसरे को अपना दंभ और ताकत दिखाये दोस्त एक-दूसरे पर भरोसा और सहायता करते हैं। उनको अपने दिमाग में न्याय का एहसास रहता है और जानते हैं कि किसी भी समय किसी को भी ध्यान और सहायता की ज़रुरत पड़ सकती है। लंबे समय तक दोस्ती को बनाये रखने के लिये समर्पण और भरोसे की बहुत ज़रुरत होती है। ढेर सारी मांगों और संतुष्टि की कमी की वजह से कुछ लोग दोस्ती को लंबे समय तक बनाए रखने में अक्षम होते हैं। कुछ लोग केवल अपनी जरुरतों और इच्छाओं की पूर्ति के लिये दोस्त बनाते हैं। एक बड़ी भीड़ में एक अच्छा दोस्त ढूढंना कोयले के खदान में हीरा तलाशने के समान है। सच्चे दोस्त केवल वहीं नहीं होते जो अच्छे मौकों पर ही उपलब्ध हों बल्कि वो होते हैं जो बुरी परिस्थितियो में भी साथ खड़े रहें। हमें अपना सबसे अच्छा दोस्त चुनने में सावधान रहना चाहिये क्योंकि हम किसी से भी धोखा खा सकते हैं। जीवन में एक अच्छा साथी पाना बहुत मुश्किल कार्य है और अगर किसी को सच्चा साथी मिलता है तो उसपर प्रभु की सच्ची कृपा है। एक अच्छा मित्र हमेशा दोस्त के बुरे समय में उसकी सहायता करता है और सही राह पर चलने के लिये सलाह दिखाता है। कड़ी मेहनत के बाद जीवन में किसी खास के लिये सबकुछ अर्पण कर देना सच्ची दोस्ती है सच्ची दोस्ती दो या दो से अधिक लोगों के बीच सच्चा रिश्ता है जहां बिना किसी माँग के भरोसा बना रहता है। कोई हमेशा परवाह, सहायता और दूसरी जरुरी चीजें देने के लिये सच्ची मित्रता में तैयार रहता है। मित्र सभी के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि प्यार, देखभाल और भावनात्मक सहायता देने के द्वारा किसी जरुरतमंद इंसान को खड़ा करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। दोस्ती दो या दो से अधिक लोगों के बीच में बिना किसी भी उम्र, वर्ग, लिंग, पद, नस्ल या जाति के हो सकती है। हालांकि, आमतौर पर मित्रता हम उम्र के बीच होती है। कुछ लोग सफलतापूर्वक अपने बचपन की दोस्ती को पूरे जीवनभर लेकर चलते हैं जबकि कुछ गलतफहमी, समय की कमी या दूसरे कारणों से बीच में ही समाप्त कर देते हैं। कुछ लोगों के पास उनके किंडरगार्डेन या प्राइमरी स्तर में बहुत सारे दोस्त रहते हैं लेकिन कोई एक या शायद कोई भी इसे बाद के जीवन में आगे नहीं बढ़ाता है। कुछ लोगों के पास केवल एक या दो मित्र होते हैं जिन्हें वो बाद के अपने बुढ़ापे के दिनों में भी बहुत अच्छे से आगे लेकर चलते हैं। दोस्त परिवार के बाहर या घर का भी कोई सदस्य (पारिवारिक सदस्यों में से कोई एक) हो सकता है (पड़ोसी, रिश्तेदार आदि)। मित्र अच्छे-बुरे दोनों प्रकार के हो सकते हैं, अच्छे दोस्त अच्छे रास्ते पर ले जाते हैं जबकि बुरा मित्र गलत राह पर ले जाता है, इसलिये हमें जीवन में दोस्त चुनते समय सावधान रहना चाहिये। बुरे दोस्त हमारे लिये बहुत बुरे साबित हो सकते हैं क्योंकि वो हमारे जीवन को पूरी तरह बरबाद करने के लिये काफी होते हैं। हमें अपनी भावनाओं (खुशी और दुख) को बांटने के लिये जीवन में कोई खास होना चाहिये, किसी से बात करने के लिये अपना अकेलापन मिटाने के लिये, किसी को दुख से निकालने के लिये हँसाने वाला हो आदि। अपने दोस्तों के अच्छे साथ में जीवन में हम कोई भी कठिन कार्य करने के लिये प्रेरित होते हैं और खुशी से बुरे समय से निकलना आसान हो जाता है। दोस्ती दो लोगों के बीच में एक समर्पित रिश्ता होता है जिसमें एक-दूसरे के लिये बिना किसी इच्छा और गलतफहमी के दोनों के पास प्यार, देखभाल और लगाव होता है। आमतौर पर दोस्ती एक जैसे पसंद, एहसास, और विचारों को रखने वाले के मध्य में होती है। ऐसा माना जाता है कि मित्रता में उम्र, लिंग, पद, जाति, धर्म और संप्रदाय की कोई सीमा नहीं होती लेकिन कई बार ऐसा देखा गया है कि आर्थिक अंतर और दूसरे भेद दोस्ती को खराब कर देते हैं। इसलिये ऐसा कहा जा सकता है कि सच्ची मित्रता एक जैसे दिमाग और समान हैसियत वाले लोगों के बीच में संभव है। इस दुनिया में बहुत सारे दोस्त हैं जो समृद्धि के समय हमेशा एक-साथ रहते हैं लेकिन सच्ची, समझदार और भरोसेमंद दोस्ती वो है जो मित्र के बुरे समय में भी साथ रहे। हमारा बुरा समय हमें अच्छे और बुरे दोस्तों की पहचान करा देता है। स्वाभाव से हरेक को पैसे का आकर्षण होता है लेकिन सच्चे मित्र हमें कभी भी बुरा एहसास नहीं करवाते जब हमें पैसे या किसी सहायता की जरुरत होती है। हालांकि, कई बार दोस्तों से पैसा उधार लेना मित्रता को खतरे में डाल देता है। दोस्ती किसी भी समय दूसरों या खुद से प्रभावित हो सकती है इसलिये हमें इस रिश्ते में संतुलन बना कर चलना चाहिये। कई बार मित्रता खुद के अहम् या आत्म-सम्मान के कारण टूट जाती है। सच्ची दोस्ती में उचित समझ, संतुष्टि, मदद करने की भावना तथा भरोसा होना चाहिये। सच्चे दोस्त कभी शोषण नहीं करते बल्कि जीवन में सही कार्य करने के लिये प्रोत्साहित करते हैं। लेकिन कई बार कुछ झूठे और मक्कार दोस्तों की वजह से दोस्ती का मतलब पूरी तरह से बदल जाता है जो हमेशा किसी दूसरे का गलत तरीके से इस्तेमाल करते हैं। कुछ लोग तुरंत दोस्त बनाना चाहते हैं और स्वार्थ की पूर्ति होते ही दोस्ती को खत्म कर देते हैं। दोस्ती के बारे में कुछ भी गलत कहना मुश्किल है लेकिन ये सत्य है कि किसी भी बेपरवाह इंसान को दोस्ती में ठगा जा सकता है। आज के दिनों में, अच्छे और बुरे लोगों के भीड़ के बीच में अच्छी दोस्ती मिलना बहुत कठिन है लेकिन अगर किसी के पास सच्चा दोस्त है तो उससे ज्यादा भाग्यशाली इस दुनिया में कोई नहीं है। सच्ची दोस्ती इंसान की इंसान के साथ और इंसान की जानवर के साथ भी हो सकती है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि अच्छा मित्र हमारे जीवन के खराब दिनों में मदद करता है। दोस्त हमेशा हमें खतरों से बचाता है साथ ही समय से सलाह भी देता है। सच्चे दोस्त हमारे जीवन की संपत्ति के समान है क्योंकि वो हमारे दुख, दर्द और सच्चाई को हमसे बाँटते हैं और हमें खुश रखते हैं।